
मेवाड़ समाचार
भीलवाड़ा – यह सिर्फ एक खबर नहा, बल्कि इंसानियत के मुंह पर पड़ा वो तमाचा है जिसकी गूंज हर संवेदनशील दिल को झकझोर दे। एक 17 वर्षीय मूकबधिर किशोरी… जो अपने दर्द को शब्द भी नहीं दे सकती… उसकी खामोशी को किसी हैवान ने अपनी हवस का हथियार बना लिया। और जब उसकी कोख में पनपती जिंदगी ने इस घिनौने सच को उजागर किया, तो हर आंख नम और हर दिल गुस्से से भर उठा।
शहर के भीमगंज थाना क्षेत्र की यह मासूम, जो न बोल सकती है और न ही अपनी पीड़ा बयां कर सकती है, दरिंदगी का ऐसा शिकार बनी कि इंसान होने पर ही शर्म आने लगे। उसकी हालत में बदलाव देख मां को शक हुआ… जांच करवाई गई… और जब पता चला कि वह 3 से 4 माह की गर्भवती है, तो मानो परिवार पर आसमान टूट पड़ा। लेकिन यह दर्द यहीं खत्म नहीं होता….
तीन साल पहले भी लूटी गई थी अस्मत, लेकिन सिस्टम सोता रहा।
यह पहली बार नहीं है जब इस बेबस बच्ची के साथ दरिंदगी हुई हो। वर्ष 2023 में भी यही मासूम दरिंदों की शिकार बनी थी। उस वक्त भी परिजन थाने पहुंचे, मामला दर्ज हुआ, डीएनए सैंपल लिए गए… लेकिन नतीजा? शुन्य। आरोपी आज तक आजाद है। फाइल पर ‘एफआर’ लगाकर मामला बंद कर दिया गया और उसी लापरवाही ने आज फिर एक मासूम को नर्क में धकेल दिया। सवाल उठता है-अगर तब दरिंदे को पकड़ लिया जाता, तो क्या आज यह दिन देखना पड़ता ?
अब हर कैमरा, हर कदम पर नजर…लेकिन कब मिलेगा इंसाफ
मामला सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई है। भीमगंज थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
थाना अधिकारी सुनील चौधरी का कहना है कि पुराने केस को भी दोबारा खोला गया है और आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। लेकिन सवाल वही है क्या इस बार न्याय मिलेगा? या फिर यह मासूम फिर सिस्टम की फाइलों में दफन हो जाएगी? यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। अगर अब भी हम नहीं जागे, तो न जाने कितनी खामोश जिंदगियां यूं ही दरिंदगी का शिकार होती रही।
Author: mewadsamachar
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