मेवाड़ समाचार
राजस्थान में नए बने जिलों में से कुछ छोटे जिले को तोड़ने कि तैयारी अंतिम दोर में है।
राजस्थान में कल उपचुनाव होने है उपचुनाव के लिए मतदान खत्म होने के बाद किसी भी वक्त इन जिलों को विलोपित करने का आदेश आ सकता है ।
समाप्त होने वाले जिलों में भीलवाड़ा से तोड़कर बनाया गया शाहपुरा जिला भी अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है ।
शाहपुरा को जिला बनाने कि मांग लंबे समय से चल रही थी। पर हाल के कुछ सालों से ये मांग ठंडी पड चुकी थी ।
गहलोत सरकार ने पुर्व विधानसभा अध्यक्ष और तत्कालीन विधायक कि और आम जनता कि मांग को देखते हुए शाहपुरा को जिले का दर्जा दिया गया था।
लेकिन बदली हुई परिस्थितियों में अब किसी भी वक्त शाहपुरा को मार्च 2023 से पहले कि स्थिति में भीलवाड़ा का उपखंड बनाया जा सकता है।
शाहपुरा के जिले का दर्जा समाप्त होने से क्षेत्र के लोगों को जो विकास कि आस बंधी थी वो टुटती नजर आ रही है।
वहीं शाहपुरा के जिले का दर्जा छिनने का अभी तक किसी राजनीतिक दल या नेता ने दमदार विरोध नहीं किया है।
जिससे सरकार को जिला समाप्त करने में आसानी दिख रही है
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से प्रत्याशी रहे नरेंद्र रेगर ने बताया कि अगर शाहपुरा जिला समाप्त किया जाता है तो कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करेगी और जरुरत पड़ी तो जन आंदोलन भी किया जायेगा।
Author: mewadsamachar
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