मेवाड़ समाचार
हमीरगढ़
3 अक्टूबर को समाचार पत्र एवं सोशल मीडिया में एक खबर प्रकाशित कि गई।जिसका शीर्षक था
” स्कूल के सामने खोदी कब्र विरोध के बाद दुसरी जगह दफनाया” के संबंध में आज हमीरगढ के आम मुस्लिम समाज ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देकर बताया कि समाज कि एक महिला कि मृत्यु हो गई थी
जिसका दफन आम मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान में जो शनि महाराज रोड पर स्थित हैकब्रिस्तान की दिवार के अन्दर पूर्व में जंहा मरहूमा के पति को दफनाया गया था उसके पास ही मरहूमा को दफ़नाने के लिए कब्र खोदी थी जो कब्रिस्तान की दिवार से अंदर स्थित होकर राजकीय विद्यालय के सामने स्थित है।
*इस पर मोके पर उपस्थित स्थानीय नागरिकों तथा स्कूल के चपरासी केदार लाल के द्वारा आपत्ति करने पर मोके पर स्थित मुस्लिम मोतबिरान द्वारा आपसी समझाइश से वंहा पर नहीं दफनाया जाकर कब्रिस्तान की जमीन में ही अन्य स्थान पर* दफनाया गया गया ।
अखबार में छपी खबर “स्कूल के सामने खोदी कब्र, विरोध के बाद दूसरी जगह दफनाया शव” में अंकित किया गया की मोके पर मुस्लिम समाज द्वारा सरकारी जमीन पर शव दफ़नाने का प्रयास किया गया तथा हिन्दू संगठनों द्वारा विरोध करने पर मुस्लिम समाज द्वारा करीब 100 मीटर दूर तालाब क्षेत्र में शव दफनाया गया I यह खबर पूरी तरह से झूठी है तथा भ्रामक होकर मिथ्या है I इस खबर का कोई प्रमाण नहीं है I मुस्लिम समाज द्वारा पूर्व में खोदी गयी कब्र भी मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान में ही खोदी गयी थी तथा बाद में जंहा दफनाया गया वो भी आम मुस्लिम समाज की कब्रिस्तान की जमीन ही है I
मुस्लिम समाज द्वारा किसी सरकारी जमीन अथवा तालाब की जमीन में दफनाया नहीं गया है I कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जान बुझकर ऐसी खबर प्रकाशित करवाई गई है ताकि आम मुस्लिम समाज को बदनाम किया जा सके तथा हमारे हमीरगढ़ में गाँव में हंसी-ख़ुशी रह रहे हिन्दू-मुस्लिम धर्मावलम्बी के मध्य समजिल द्वेषता फैलाई जा सके तथा हिन्दू मुस्लिम को आपस में लडवाया जा सके I
उक्त झूठी खबर फैलाई जाकर हिन्दू मुस्लिम में आपसी वैमनष्य फैलाने एंव शहर में सांप्रदायिक तनाव फ़ैलाने का प्रयास किया गया है I
ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ आम मुस्लिम समाज को बदनाम करने की साजिश करने तथा जानबूझकर हिन्दू मुस्लिम समाज में नफरत फैलाने एंव सांप्रदायिक तनाव फैलाए जाने तथा अख़बार में झूठी खबर प्रकाशित होने से आम मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हई है , जिसपर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर से कठोर क़ानूनी कार्यवाही की जावे,जिससे ऐसे असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाई जा सके I तथा अख़बार में भी ऐसी झूठी खबर प्रकाशित करवाने वाले व्यक्ति की जांच कर आवश्यक कार्यवाही अमल में लायी जावें। ताकि भविष्य में ऐसी असामाजिक हरकतों पर रोक लगाई जा सके तथा हिन्दू मुस्लिम भाईचारा ख़राब करने वाले असामाजिक तत्वों पर लगाम लग सके ।
Author: mewadsamachar
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