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थानेदार पर बैसबॉल के डंडो से किया हमला, पत्नी से भी की मारपीट,: शाहपुरा थाना प्रभारी ने आठ दिन बाद दर्ज किया केस

मेवाड़ समाचार

पुलिस थानों में आम आदमी की एफआईआर दर्ज नहीं होने की शिकायतें आना आम बात है, लेकिन एक थाना प्रभारी पर बदमाशों के द्वारा बैसबॉल के डंडों से हमला करने व बचाव में आई पत्नी से मारपीट जैसे गंभीर मामले को भी शाहपुरा थाना प्रभारी के मामला दर्ज नहीं कर उनकी रिपोर्ट को जांच के नाम पर आठ दिन परिवाद में रख दिया।

मामला जब पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के संज्ञान में आया और आदेश दिये तब जाकर यह केस दर्ज किया गया। मामला, भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा थाने का है। ऐसे में यह मामला आमजन में न केवल चर्चा का विषय बना है, वहीं इस लापरवाही से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाहपुरा निवासी देवेंद्रसिंह अभी टौंक जिले के सोप थाने में एसएचओ के पद पर कार्यरत है। वे, 20 फरवरी को भीलवाड़ा के रायला थाने के एक प्रकरण में एसीजेएम कोर्ट 2 में विचाराधीन प्रकरण में गवाही के लिए टोंक पुलिस अधीक्षक से स्वीकृति लेकर अपने निजी वाहन से टोंक से रवाना होकर रात 11.30 बजे शाहपुरा डाक बंगले के सामने से एक कार को ओवरटेक कर शाहपुरा में अपने निजी आवास पर पहुंचे।

इसी दौरान एक कार से दो लडक़े निकले और थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह की ओर आये। उनके पीछे से एक और लडक़ा आया, जिसके पास बैसबॉल का डंडा था। जिससे थाना प्रभारी सिंह को जान से मारने की नियत से अचानक हमला कर दिया। इस दौरान सिंह की पत्नी संतोष कंवर भी मकान से बाहर आ गई और बीच-बचाव करने लगी तो उनके साथ भी मारपीट की। सिंह व उनकी पत्नी के शरीर पर काफी चोटें आई। सिंह के हल्ला करने पर मोहल्ले के काफी लोग व महिलायें आ गये।

इस दौरान सिंह ने हमलावर के हाथ से बैस बॉल का डंडा पकड़ा तो ये बदमाश उन्हें घसीट कर कार के पास ले गये। सिंह व उनकी पत्नी ने हमलावरों की कार के नंबर देख लिये। इसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गये। सिंह ने बताया कि कार में 5 लोग सवार थे, जिन्हें वे शक्ल से सामने आने पर पहचान सकते हैं।

उधर, हमले की सूचना देने पर शाहपुरा थाने से पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने 20 फरवरी को ही सिंह दंपती का मेडिकल करवाया। सिंह ने शाहपुरा पुलिस को लिखित रिपोर्ट भी दी, लेकिन थाना प्रभारी ने रिपोर्ट पर केस दर्ज त्वरित कार्रवाई करने के बजाय इसे परिवाद में रख लिया और कोई एक्शन नहीं लिया।सूत्रों के अनुसार, यह मामला जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने शाहपुरा पुलिस को लताड़ लगाते हुये कार्रवाई के निर्देश दिये।

इसके चलते घटना के आठ दिन बाद शाहपुरा पुलिस ने देवेंद्र सिंह की रिपोर्ट पर केस दर्ज कर लिया। रिपोर्ट दर्ज नहीं कर कार्रवाई नहीं करने के पीछे शाहपुरा पुलिस की मंशा क्या रही यह तो पुलिस ही जाने।

पुलिस ने यह भी सफाई दी..

उधर, सोप थाना प्रभारी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कर लापरवाही बरतने वाली शाहपुरा पुलिस इस मामले में यह भी सफाई दे रही है कि जिस कार के नंबर सिंह ने रिपोर्ट में दिये, वह कार तो घटना के दिन शाहपुरा में न होकर झालावाड़ में थी। कार वहां आयोजित शादी समारोह में थी

सीसी टीवी में कैद हुई कार, भागता हुआ हमलावर

थाना प्रभारी सिंह पर हमले की वारदात में काम ली गई कार और हमले में शामिल एक बदमाश, घटनास्थल के आस-पास लगे सीसी टीवी कैमरे में भी कैद मिले हैं। फुटेज में कार आती-जातीे और एक बदमाश हाथ में बैस बॉल का डंडा लेकर पैदल भागता नजर आ रहा है।

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Author: mewadsamachar

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