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राजस्थान में धर्मांतरण की गहरी साजिश! प्रवचन के नाम पर किया जा रहा था ब्रेनवॉश, पुलिस का बड़ा एक्शन!

मेवाड़ समाचार

राजस्थान के सिरोही जिले के रेवदर क्षेत्र में एक प्रवचन सभा के नाम पर आदिवासियों के धर्म परिवर्तन की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर चार लोगों को हिरासत में लिया, जबकि एक व्यक्ति मौके से फरार हो गया।

गुरुवार रात रेवदर के करोटी गांव में एक खेत पर आयोजित प्रवचन सभा ने इलाके में हलचल मचा दी। विश्व हिंदू परिषद के गौ रक्षा प्रांत कार्यकारिणी सदस्य रणछोड़ पुरोहित के अनुसार, इस सभा में 100 से अधिक आदिवासी महिला-पुरुषों को इकट्ठा कर एक धर्म विशेष पर आधारित प्रवचन दिए जा रहे थे। आरोप है कि लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

VHP कार्यकर्ताओं ने जब इसकी सूचना पुलिस को दी, तो प्रशासन हरकत में आया और तुरंत मौके पर पहुंचा। वहां धर्मिक पुस्तकें और प्रचार सामग्री बरामद की गईं। फिलहाल पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। इस पूरे मामले ने क्षेत्र में धार्मिक तनाव बढ़ा दिया है और अब प्रशासन इसकी गहराई से जांच कर रहा है।

किताबें मिलीं…धार्मिक

एएसआई रमेश दान चारण ने बताया कि मौके से निचली सिगरी के रहने वाले गजेंद्र खराड़ी, करेल (उदयपुर) के ललित, लंकेश और झामर (आबूरोड) के रहने वाले भारमाराम को हिरासत में लिया गया। इन पर आरोप है कि वे हिंदू धर्म के खिलाफ भ्रामक जानकारी दे रहे थे। पुलिस को इनके पास से ईसाई धर्म की धार्मिक पुस्तकें भी बरामद हुई हैं।

बीमारियां ठीक करने का दावा

प्रवचनकर्ताओं ने दावा किया कि वे बीमारियों को ठीक करने का कार्य कर रहे थे। हालांकि, जब हिंदू संगठनों को इस प्रवचन की जानकारी मिली, तो मौके पर पहुंचकर उन्होंने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की स्थिति बन गई। पुलिस को हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा।

गिरफ्तारी के विरोध में पुलिस थाने पहुंचे ग्रामीण

चार लोगों को हिरासत में लेने के बाद रात में ही बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष पुलिस थाने के बाहर इकट्ठा हो गए। उन्होंने गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस से कहा, “अगर इन्हें नहीं छोड़ा गया तो हम खाना कैसे खाएंगे? हमारे तो दो ही ईश्वर हैं- एक ऊपर वाला और दूसरे वे, जिन्हें आपने थाने में बंद कर रखा है। वे खाएंगे तो ही हम लोग खाना खाएंगे।” अब पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रवचन सभा केवल धार्मिक चर्चा थी या धर्मांतरण की कोई सोची…समझी साजिश।

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Author: mewadsamachar

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