रहमत वाली रात है शब-ए-बारात, इस्लाम में इबादत करने की क्या है अहमियत?
मेवाड़ समाचार रहमतों की बारिश और गुनाहों से छुटकारे की रात का प्रतीक पर्व शब-ए-बरात 13 फरवरी की शाम मगरिब की नमाज से शुरू कर सुबह सादिक तक इबादतपूर्वक मनाया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के लोग पूरी रात जागकर अल्लाह की इबादत में लीन रहेंगे। वहीं, अगले दिन मुस्लिम अकीदतमंद रोजे रखेंगे। छोटे-बड़े सभी पूरी रात…