मेवाड़ समाचार
बडलीयास ग्राम सेवा सहकारी समिति के सदस्य रुकमा रेगर को समिति से ऋण लेने पर किये गये दुर्घटना बिमा योजना के तहत रैगर मोहल्ला, बड़लियास निवासी राजुलाल रैगर पुत्र कुका रैगर ने एक परिवाद युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस लिमिटेड भीलवाड़ा के डिविजनल मैनेजर, सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड़ भीलवाड़ा के खिलाफ पेश किया।
परिवादी ने परिवाद में बताया कि उसकी पत्नी रुकमा रैगर ग्राम सेवा सहकारी समिति बडलीयास की सदस्या थी। जिन्होंने बीमा करवाया था। उसकी प्रीमियम उसके खाते से काटकर बीमा कंपनी को भिजवाई थी। जिसमें दुर्घटना घटित होने पर दस लाख रुपये की बीमित राशि पॉलिसी शर्तों के अनुसार देय थी। रुकमा रैगर का परिवादी राजूलाल रैगर नॉमिनी है।
26 जून 22 की रात को परिवादी व उसकी पत्नी रुकवा रैगर खेत पर काम करने के बाद सो गये। नींद खुली तो देखा कि रुकमा के पैर की अंगुलियों के बीच जहरीले जानवर के काटने के निशान थे। उसे तुरंत अस्पताल ले गये, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। रुकमा की मौत की सूचना विपक्षीगण को दी गई।
इसके बाद क्लेम आवेदन के साथ दस्तावेज पेश किये। बीमा कंपनी ने रुकमा की मौत को स्वभाविक बताते हुये क्लेम आवेदन खारिज कर दिया। जिसके बाद व्यवस्थापक। मदन लाल धाकड ने अपने सदस्य के आश्रित के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सराहनीय कदम उठाते हुए न्यायालय कि शरण लेने सलाह दी।
मामला न्यायालय में विचाराधीन होने पर लोक अदालत में सुनवाई हुई।लोक अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस लिमिटेड भीलवाड़ा के डिविजनल मैनेजर को आदेश दिया कि वे, परिवादी को बीमा क्लेम की राशि 10 लाख रुपये दो माह में अदा करें।
Author: mewadsamachar
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