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आशिक के साथ रहने के लिए प्रेमिका ने जैन पुत्र का कराया खतना, नया नाम ,नया धर्म – कोर्ट ने सुनाई सजा

मेवाड़ समाचार

 

 

 

बाड़मेर, खजराना – मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर न सिर्फ बेटे की पहचान छीनी, बल्कि उसका जबरन धर्म परिवर्तन और खतना भी करा दिया।

यह कहानी सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि ममता, रिश्तों और भरोसे के साथ किए गए ऐसे विश्वासघात की दास्तान है, जो हर किसी को झकझोर कर रख दे।

इंदौर कोर्ट ने इस जघन्य अपराध पर कड़ा फैसला सुनाते हुए मां समेत तीनों आरोपियों को 10 साल की कठोर सजा दी है। मामला 2018 का है, जब एक मां अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर बेटे को एक अंधेरे रास्ते पर ले गई…..जहां उसका बचपन, उसकी पहचान और उसका अधिकार छीन लिया गया।

पत्नी बेटे को लेकर हुई फरार

बाड़मेर के अनाज बिजनेसमैन महेश नाहटा की शादी जून 2014 में शाजापुर (MP) की प्रार्थना शिवहरे से हुई थी। 2015 में उनका बेटा हुआ। फरवरी 2018 में जब परिवार शाजापुर में एक सगाई समारोह से लौट रहा था, तब प्रार्थना तीन साल के बेटे को लेकर रतलाम के सालाखेड़ी गांव में बस से अचानक लापता हो गई। महेश ने तुरंत रतलाम थाने में पत्नी और बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई।

प्रेमी के साथ रहने लगी पत्नी

पुलिस जांच में पता चला कि प्रार्थना अपने प्रेमी इलियास अहमद के साथ भाग गई थी। रतलाम पुलिस ने इलियास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि प्रार्थना बेटे को लेकर शाजापुर चली गई। बाद में जब इलियास जेल से छूटा, तो उसने फिर से प्रार्थना से संपर्क किया और उसे अपने पास बुला लिया। इस बीच, महेश ने बेटे की कस्टडी पाने के लिए शाजापुर कोर्ट में आवेदन दिया, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चल सका।

बेटे का जबरन धर्मांतरण

2023 में महेश को जानकारी मिली कि प्रार्थना इंदौर के खजराना इलाके की रजा कॉलोनी में इलियास के साथ रह रही है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इलियास ने खुद को बच्चे का पिता बताकर उसके जन्म प्रमाण पत्र और नाम बदलवा दिए थे। इतना ही नहीं, बच्चे का जबरन खतना करवा कर उसे मदरसे में भी दाखिल करा दिया गया।

मां समेत तीन को सजा

महेश नाहटा ने 15 जुलाई 2023 को खजराना थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने इलियास को गिरफ्तार कर लिया। 20 जुलाई 2023 को कोर्ट ने बच्चे की कस्टडी पिता को सौंप दी। मंगलवार को इंदौर कोर्ट ने प्रार्थना, इलियास और जफर अली को दोषी मानते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 467 एवं 471 के तहत 10-10 साल के सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

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Author: mewadsamachar

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