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पांच दोस्तों का हुआ अंतिम संस्कार, नहीं खुले कस्बे के बाजार, मृतक के परिजनों को पांच-पांच लाख के मुआवजे कि घोषणा

मेवाड समाचार

कुंभ प्रयागराज जा रहे भीलवाड़ा के 8 युवाओं दुदु के पास हुई सड़क दुर्घटना में मौत के बाद उनके शव आज गांव पहुंचे तो परिजनों की चीत्कार फुट पड़ी, कस्बे के बाजार बंद है

दो युवाओं की पहले और तीन मृतको की बाद में अंतिम यात्रा निकली। जिसमें पूरा गांव शामिल हुआ। पांचों दोस्तो का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया, जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ओर अन्य अधिकारी भी बडलियास पहुंचें।

भीलवाड़ा जिले के आठ युवकों की गुरुवार को प्रयागराज महाकुंभ जाते वक्त दूदू जिले में रोडवेज बस की टक्कर से मौत हो गई , इनमें से पांच दोस्तो के शव आज सुबह जैसे ही बड़लियास पहुंचे गांव वालों की आंखों से अश्रु धारा फूट पड़ी वही परिजनों में चीख पुकार मच गई । कुछ देर शवों को घरों में रखने के बाद जल्द ही अंतिम क्रियाओं को पूर्ण कर दो के शव अंतिम संस्कार के लिए रवाना किये गए ।

जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू भी वहां पहुंचे और उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिया।उन्हों 5- 5 लाख रुपए की सहायता की घोषणा की।

गांव में हुई एक साथ पांच जवान मौत से पूरा गांव सदमे में में है बाजार बंद है

दो युवकों किशन लाल और रविकांत मेवाड़ा के शव को अंतिम संस्कार कर दिया जबकि तीन का अंतिम संस्कार कुछ देर बाद किया गया ।
गुरुवार शाम के परिजन इनके शव लेने जयपुर के लिए ओर रवाना हो गए थे जो देर रात भीलवाड़ा के लिए निकले और आज तड़के दो एंबुलेंस से भीलवाड़ा पहुंचे। जैसे ही गांव में एंबुलेंस का सायरन सुनाई दिया वैसे ही परिवार के महिला पुरुष और बुजुर्गों की रुलाई फूट पड़ी चारों ओर हाहाकार मच गया

गांव में अधिकांश घरों के चूल्हे नहीं जले थे वहीं पूरी रात भर गांव के लोग जागकर गांव के बेटों के शव आने के इंतजार में थे ।
आज अल तड़के गांव में पांचो के शव दो एंबुलेंस से लाये गए जैसे ही जैसे ही गांव में एंबुलेंस का सायरन सुनाई दिया हुई वैसे ही गांव के लोग इकट्ठा होने लगे। एंबुलेंस से शवों को उतारने के दौरान लोगों की रुलाई फूट पड़ी। दो एंबुलेंस में पांचों के शव गांव में आए थे।

रविकान्त के शव को जब एंबुलेंस से उतार कर घर के अंदर ले ज़ाया गया तो तीनों बेटियों का हाल बेहाल था। इस परिवार के एक बेटे की मौत पहले भी एक ऐक्सीडेंट में हुई थी और अब परिवार का दूसरा बेटा हादसे में अपनी जान गंवा चूका था । इसके शव को कुछ देर अंतिम दर्शन और अंतिम क्रियाओं के लिए रखने के बाद अंतिम संस्कार के लिए रवाना किया गया । किशन लाल का शव जब घर पहुंचा तो यहां भी परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हुआ ।

ऐसे में इन दोनों के शवो की अंतिम क्रियाओं को जल्द ही पूरा कर इनके शव अंतिम संस्कार के लिए रवाना करवाए गए। बड़ी संख्या में गांव के लोग इनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

इधर शेष 3 शवों को प्रशासनिक अधिकारियों के आने तक रोका गया । करीब 8:15 पर एसडीओ भीलवाड़ा दिव्यराज चुण्डावत बड़लियास पहुंचे ।यहां सरपंच प्रतिनिधि प्रकाश रेगर और पूर्व प्रधान विजय सिंह राणावत ने इनसे बातचीत की और पीड़ित परिवारों को मुआवजे की राशि और सरकारी नौकरी दिलवाने की मांग की । परिजन सहमत हो गए और अंतिम यात्रा शुरू हुई।

mewadsamachar
Author: mewadsamachar

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