मेवाड़ समाचार
राजस्थान के सिरोही की पॉक्सो अदालत ने दुष्कर्म के मामले में अहम फैसला सुनाया है। सिरोही पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग लड़की को ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में उसके मौसा को दोषी माना है। जिसे अदालत ने आजीवन कारावास की सजा दी है, दोषी को पूरी उम्र जेल में बितानी होगी। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।
मौसा ने ही किया रेप, अब ताउम्र जेल
सिरोही की पॉक्सो अदालत ने पिछले साल दायर हुए नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाया है। इस मामले में कोर्ट ने मौसा को नाबालिग से रेप का दोषी माना है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी ने मौसा होते हुए भी नाबालिग पीड़िता का किडनैप कर रेप किया। इससे पीड़िता को गंभीर मानसिक आघात पहुंचा है, जिसे शायद वह कभी नहीं भूल पाएगी। इसके बाद दोषी को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख जुर्माना भी लगाया है।
स्कूल जा रही बेटी को ले गया आरोपी
नाबालिग बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म का यह मामला पिछले साल का है। इस मामले में पीड़िता के पिता की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई थी। जिसमें बताया गया कि उसकी बेटी स्कूल गई थी, मगर रास्ते से गायब हो गई। पड़ताल करने पर पता चला कि मौसा ही बच्ची को बहलाकर ले गया और इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश की और उसे गिरफ्तार कर लिया। तब से ही मामला कोर्ट में था।
अब मरने तक जेल में रहेगा दोषी
सिरोही पॉक्सो कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। जि
समें अब पॉक्सो कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए दोषी को उम्रकैद की सजा दी है। इसके साथ ही अलग-अलग धाराओं में 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा पॉक्सो अदालत ने नाबालिग को 5 लाख की राशि दिलवाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र भी लिखा है।
Author: mewadsamachar
News