The specified slider is trashed.

Home » Uncategorized » साइबर ठगों ने भीलवाड़ा के बुजुर्ग दंपति को किया डिजिटल अरेस्ट, घर में बनाया बंधक

साइबर ठगों ने भीलवाड़ा के बुजुर्ग दंपति को किया डिजिटल अरेस्ट, घर में बनाया बंधक

मेवाड़ समाचार

भीलवाड़ा में साइबर ठगों ने 80 साल बुजुर्ग और उनकी पत्नी को 7 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। ठगों ने खुद को टेलीकॉम विभाग, मुंबई पुलिस और ईडी अधिकारी बताकर 36 कॉल किए, 17 केस दर्ज होने का डर दिखाया और जेल भेजने की धमकी दी।

ठगों के दबाव में बुजुर्ग जब FD तुड़वाने बैंक पहुंचे, तब बैंक मैनेजर की सतर्कता से 9 लाख रुपए की ठगी होने से बच गई।

सिम कार्ड से अश्लील गतिविधियों का आरोप लगाकर फंसाया

सुभाष नगर राम मंदिर क्षेत्र निवासी 80 वर्षीय संपतलाल महात्मा को 21 जनवरी दोपहर व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम डिपार्टमेंट का अधिकारी बताते हुए कहा उनके नाम से मुंबई में जारी एक सिम कार्ड का इस्तेमाल अश्लील गतिविधियों में हो रहा है।

मुंबई पुलिस बनकर 7 दिन तक डिजिटल अरेस्ट

बुजुर्ग द्वारा इनकार करने पर कॉल को कथित तौर पर कोलाबा, मुंबई पुलिस के पास ट्रांसफर कर दिया गया। वीडियो कॉल पर पुलिस का लोगो दिखाया गया। इसके बाद ठगों ने संपतलाल को 7 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर लगातार मानसिक दबाव बनाया और पैसों की मांग करने लगे।

36 कॉल, 17 केस और मनी लॉन्ड्रिंग का डर

संपतलाल ने बताया- ठगों ने कहा कि उनके नाम से जारी नंबर को लेकर 17 शिकायतें दर्ज हैं। इसके बाद आधार कार्ड से जुड़े एक खाते को 480 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस से जोड़ते हुए नरेश गोयल केस का हवाला दिया गया। ठगों ने कहा कि यह खाता खार क्षेत्र की केनरा बैंक शाखा में है।

ईडी जॉइंट डायरेक्टर के नाम लिखवाई एप्लिकेशन

व्हाट्सएप कॉल पर खुद को केस अधिकारी बताने वाले संदीप यादव ने संपर्क किया। उसने उम्र का हवाला देकर जल्दी मामला निपटाने का भरोसा दिलाया और ईडी के जॉइंट डायरेक्टर राजेश मिश्रा के नाम एक आवेदन लिखवाकर व्हाट्सएप पर भिजवाया।

घर का गेट बंद करवाए, बिना परमिशन सोने नहीं दिया

ठगों ने वीडियो कॉल पर कथित मीटिंग कर गिरफ्तारी और बेल का डर दिखाया। इसके बाद संपतलाल और उनकी पत्नी निर्मला देवी को डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया। उन्हें घर का गेट बंद रखने, 24 घंटे फोन ऑन रखने और बिना अनुमति सोने या किसी से बात करने तक पर रोक लगा दी गई। किसी को जानकारी देने पर जान से मारने और आजीवन जेल की धमकी दी गई।

FD तुड़वाने पहुंचे बैंक, मैनेजर को हुआ शक

डर के माहौल में बुजुर्ग राजस्थान ग्रामीण बैंक FD तुड़वाने पहुंचे। बैंक मैनेजर महेंद्र शर्मा को पूरे मामले पर संदेह हुआ। दो दिन बाद जब FD तुड़वाकर राशि खाते में आई, तो मैनेजर ने ट्रांसफर रोक दिया। इससे 9 लाख रुपए सुरक्षित बच गए।

एफडी तुड़वाने का कारण नहीं बता पाए, यहीं से हुआ शक

राजस्थान ग्रामीण बैंक, सुभाष नगर शाखा के मैनेजर महेंद्र शर्मा ने बताया- 27 जनवरी को संपतलाल बैंक में एफडी तुड़वाने आए थे। मैंने उनसे पूछा कि बीच में ही एफडी क्यों तुड़वा रहे हैं, जबकि ऐसा करने पर ब्याज भी नहीं मिलेगा। उस दिन एफडी तुड़वाकर राशि खाते में डाल दी गई।

28 जनवरी को वे फिर बैंक आए और बोले कि कल जो एफडी तुड़वाई गई है, उसकी राशि ईडी के सरकारी बैंक खाते में नेफ्ट करनी है। खाते की जानकारी में मोबाइल नंबर नहीं था। जिस बैंक का नाम उन्होंने बताया, वह प्राइवेट बैंक था, जबकि वे ईडी के सरकारी बैंक खाते में राशि ट्रांसफर करने की बात कर रहे थे। यहीं से मुझे पूरा शक हो गया कि इन्हें किसी ने डिजिटल अरेस्ट कर रखा है।

इसके बाद संपतलाल मोबाइल नंबर लेने के लिए घर गए और नंबर लेकर वापस आए। उनके साथ पत्नी निर्मला देवी भी थीं। मैंने एक बार फिर पूछा कि ऐसी क्या मजबूरी है कि साल के बीच में ही एफडी तुड़वा रहे हैं, कहीं कोई परेशानी तो नहीं है। इस पर संपतलाल ने मुंह पर उंगली रखकर जेब में रखे फोन की ओर इशारा किया।

पास खड़ी उनकी पत्नी निर्मला देवी रोने लगीं। तब मैंने उन्हें पूरी बात बताने को कहा। इसके बाद लीड बैंक मैनेजर और साइबर थाने में मामले की शिकायत की गई।

mewadsamachar
Author: mewadsamachar

News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The specified slider is trashed.

Latest Stories