मेवाड़ समाचार
कोटड़ी
कोटड़ी निवासी अशरफ मेवाती ने कोटड़ी थाने में एक परीवाद प्रुस्तुत किया जिसमें बताया गया कि
राम प्रसाद आचार्य पिता हिरा लाल आचार्य निवासी सवाईपुर रोड कोटड़ी संवाददाता दैनिक भास्कर एवं
बनवारी लाल पाराशर पिता शंभू लाल पाराशर पारोली हाल मुकाम कोटड़ी संवाददाता राजस्थान पत्रिका ।
जो कि पिछले कई दिनों से प्रतिष्ठित एवं विश्वसनीय समाचार पत्रों से जुड़े हुए हैं ईन समाचार पत्रों कि आड में ये आरोपी अवैध वसूली के धंधे में डुबे हुए हैं मगर संवाददाता होने से ये आरोपी लोगो को डरा धमकाकर पैसे एठते आ रहे हैं
ऐसा ही मामला बन का खेड़ा gss के व्यवस्थापक अशरफ मेवाती को बदनाम करने और अवैध वसूली करने का आया है
परीवाद के अनुसार ये उक्त आरोपी दिनांक 25 जुलाई को बन का खेडा समिति में पहुंच कर वहा काम कर रहे स्टाफ को पत्रकार होने का हवाला देकर डराया और कार्यालय का दरवाजा लगाकर उसका फोटो खिचं कर वहां से पीडित को फोन किए परंतु पीड़ित ने ऊनके फोन नहीं उठाये
क्योंकि पीड़ित जानता था कि वो पैसे कि मांग करेंगे
अगले दिन अखबार में खबर छपी कि व्यवस्थापक भुमिगत हो गया।
जबकि आरोपी रामप्रसाद और पीड़ित का कार्यालय नये बस स्टैंड पर सब्जी मंडी के पास आमने-सामने हैं पीड़ित हमेशा अपनी नियमित दिनचर्या के अनुसार कोटड़ी स्थिति कोपरेटिव बैंक कि शाखा व अपने कार्यालय में ही रहता आया ईस दोरान पीड़ित और दोनो पत्रकार दिन में कई बार आमने-सामने होते रहे हैं
उसके बावजूद झुठी मनगढ़ंत खबरें छाप कर अवैध वसूली करने कि कोशिश करते रहे
दिनांक 31 जुलाई को बनवारी पाराशर बैक आया और मुझे बाहर बुलाकर फिर पैसो कि मांग करने लगा कि अब भी पैसा दे दो नहीं तो
अब और झुठी खबरें छापकर तुझे बदनाम व बर्बाद कर देंगे और कहा कि तुझे याद है पंकज सेठी का हमने क्या हाल किया
फिर 3 अगस्त को को पीड़ित बैंक में काम कर रहा था ईस दोरान एक ऋणी किसान उसने अपने पैसे जमा करा कर। अपना खाता बंद करवाया हिसाब समझाने के दोरान वहा बनवारी पाराशर आया और फोटो खिच कर चला गया
थोड़ी देर बाद जब बाहर आया तो रामप्रसाद आचार्य ने कहा मेरे आफिस में आओ
जब पीड़ित वहां गया तो थोडी देर तक ईधर उधर कि बातें करने के बाद वहा भी पैसे कि मांग करने लगे
दोनों ने 25 – 25 हजार कि मांग कि और कहा कि पैसा आगे भी भेजना पड़ता है ईतने बड़े प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के अधिकारी को भी बदनाम करने से ये आरोपी नहीं चुके ।
पीड़ित द्वारा सोमवार तक का समय मांगा कि दो दिन की मोहलत दो में कुछ करता हूं
सोमवार तक पीड़ित पैसे नहीं दे पाया तो दिनांक 6 अगस्त मंगलवार को राजस्थान पत्रिका में एक सरासर झुटी मनगढ़ंत खबर छपवा दी खबर के अनुसार पीड़ित को पकडा गया और वहां भीड़ हो गई।
जबकि पीड़ित पहले ही बैंक में काम कर रहा था वहां कोई विवाद जैसी घटना नहीं हुई ना ही कोई भीड हुई
सिर्फ पैसों नहीं मिलने के कारण झूठी खबर छपी गई।
अगले दिन वही झुठी मनगढ़ंत व काल्पनिक खबर रामप्रसाद आचार्य ने दैनिक भास्कर में प्रकाशित करवा दी कोटड़ी थाना अधिकारी को परीवाद देकर कानुनी कार्यवाही करने व दोनों आरोपीयों को गिरफ्तार करने कि मांग कि ।
पहले भी आई शिकायते
कुछ दिनों पहले रेत के कारोबारी से पैसे मांग कर परेशान करने वाली ओडियो भी वायरल हुई थी जिसमें रामप्रसाद आचार्य पर पर बंदी वसूली करने का आरोप लग रहा है वहीं कुछ समय पहले कस्बे के ही BC संचालकों कि भी ईसी तरह खबरें छापी गई उन्हें बहुत बडा अपराधी और सरगना साबित करने कि कोशिश कि गई
आरोपी राम प्रसाद, और बनवारी पाराशर ईतने शातिर है कि अधिकांश वाट्स अप पर ही कोल करते है
Author: mewadsamachar
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